बुधवार, 13 मई 2015


जिसके विचार सत्य, भाव शिव और कर्म सुन्दर हों, वही नींव बन सकता है। नीव का पत्थर मजबूती से जमा है तो समझा जाना चाहिए कि भवन भी सुन्दर ही बन रहा है।नींव बन जाना सबके बस की बात भी नहीं। अपने हाथों अपना सर्वस्व अपने लक्ष्य को समर्पित कर देना होता है... वह भी बिना किसी मूल्य वापसी की उम्मीद रखे..। अपने को खपा देना और मजबूती से जमे रहने की जिम्मेदारी ही नींव का प्राप्य है।कंगूरे का सारा सौन्दर्य भवन की नींव पर टिका रहता है। नींव हिली कि कंगूरा चूर्ण–विचूर्ण हुआ।
नींव का कोई मोल नहीं। खड़े भवन द्वारा अपना सर्वस्व देकर भी उसका मूल्य चुकाना सम्भव नहीं। देश-दुनिया को यही नींव के पत्थर सँभालते हैं और चिल्लाते कंगूरों को देखकर लोग समझते हैं कि यही सब संभाले हैं।बिना विज्ञापन किये महानतम लोग चले जाते हैं!

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Best Post

SHIV Powerful Mantra

Om namo hiranya behave ॐ नमो हिरण्यबाहवे hiranya varnaya हिरण्य वर्णाये hiranya roopaya हिरण्यरूपाये hiranya pataye हिरण्ये...