सोमवार, 6 अप्रैल 2015

Gayatri Mahavidya

आज का सबसे बड़ा संकट है आत्मबल की कमी, मानव की अशक्ति ।। आस्था संकट से पीड़ित मानव जाति को जिस संजीवनी- जीवन मन्त्र की आवश्यकता है, वह गायत्री महामंत्र के रूप में विद्यमान है ।। यदि व्यक्ति इस मंत्र की उपासना के माध्यम से अपना ब्रह्मवर्चस् जगा ले, अपने प्रसुप्त बल को पुनः प्राप्त कर ले तो वह समस्त प्रतिकूलताओं से मोर्चा ले सकता है ।। श्रद्धा, निष्ठा, प्रज्ञारूपी त्रिपदा गायत्री की उपासना साधक को ऐसा ही आत्मबल प्रदान करती है, जिससे वह दुर्भावनाओं, दुश्चिन्तन दुष्प्रवृत्तियों से जूझते हुए जीवन समर जीतता हुआ आगे बढ़ता रहा सकता है ।। अपना आध्यात्मिक स्वास्थ्य बनाए रख अपना आभा मण्डल सतत बढ़ाए रखता चल सकता है ।।

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